Sunday, 8 March 2015

INTERVIEW





शिखा सक्सेना जो लखनऊ विश्वविधायलय के मास कम्युनिकेशन की एक मेधावी छात्रा है जिनके बारे में सभी को जानने की बड़ी उत्सुक्ता है तो आइये जानते है   इनकी जिंदगी के बारे में और इनके जिंदगी जीने के नजरिये को और  पूछते है इनसे जुड़े कुछ सवाल -
 हां तो शिखा जी ये बताइये आपने एम जे एम सी जॉइन करने के लिए क्यों सोचा ?
मेरा इंटर से ये सपना था की में मिडिया में काम करू और समाज के हर तबके को सामने लाऊ  पर  मुझे इस कोर्स की पूरी जानकारी न होने के कारण मैंने नवयुक से  बी ऐ  किया फिर  कुछ दोस्तों से इसके बारे में  जानकारी ली तभी मैंने ये  निश्चय किया की मुझे लखनऊ विश्वविद्यालय में इस कोर्स के लिए दाखिला लेना है और अपना सपना पूरा करना है।

आप मास कम्युनिकेशन के किस फील्ड में जाना चाहेंगी ? 
वैसे तो मैंने  कुछ निश्चय नही किया है पर में एक रिपोटर बनना चाहूंगी।

शिखा जी अपने वयक्तित्व के बारे में कुछ बताइये ?
मैं अपने बारे में यही बताना  चाहूंगी  की मैं अपने विचार को किसी पर  थोपती नही हूँ।  लोगो को उनके वयक्तित्व के साथ स्वीकारती हूँ अधिक तर ऐसा होता है अपने से जुड़े सभी लोगो से बहुत सी उम्मीदे  पाले बैठे है जैसे मेरे माता पिता सबसे ज्यादा  ख्याल रखे यानी हर काम वैसा जैसा  हम  चाहे   पर लोग ये नहीं सोचते सबका अपना अलग वयक्तित्व है अतः सभी को अधिकार है की वह अपना काम अपने तरीके से करे।

 आप जिंदगी की मुश्किलो से कैसे सामना करती है ?
हम जिंदगी के लिए ढेर सारे सपने  संजोते है उनमे से  कुछ पुरे   होते  है और कुछ अधूरे रह जाते हैसपनो को पूरा न होने का बोझ  मन में  हो तो अंसंतुष्टि  घेरती है और चिड़चिड़ापन कब   हमारे स्वभाव का हिस्सा हो जाता है हमे  पता नही चलता।  जिंदगी में कई बाते हमारे मन मुताबिक नही होती ,   वो भी मुश्किलो से भर देती है  धीरे धीरे हमारी सोच नकारात्मक होने लगती है  यह समय सबसे चुनौती  भरा   होता है  पर मैं हर समस्या का समाधान बहुत सकारात्मकता से करती हूँ क्यों न जिंदगी जीने के  नजरिये में   ऐसे  परिवर्तन कर जो हमे सकरात्मकता की ऊर्जा से भर दे।

शिखा जी  क्या आप लोगो के साथ जल्दी घुल मिल जाती है ?
हां मुझे लोगो से मिलना अच्छा लगता है और मैं उनके तौर तरीके तथा उनकी  जिंदगी जीने के नजरिये को जानना   अच्छा लगता है। 

 शिखा  जी ये बताइये आपको कहा घूमना अच्छा लगता है और किसके साथ में ?
वैसे   तो मुझे कही बाहर जाना अच्छा लगता है मेरी  पसंदीदा जगह  पार्क है मुझे पेड़ पोधे अच्छे  लगते है और  मुझे  माँ पापा पापा के साथ जाना अच्छा लगता है। 

आप अपने  बचपन के बारे में कुछ बताइये ?
  मेरा बचपन बहुत अच्छा रहा है  माँ  पापा  सबसे  ज्यादा प्यार करते है तो मुझे कभी कुछ ऐसा सहना  और देखना नही पड़ा  मुझे तब सबसे ज्यादा  ख़ुशी मिली    जब  मैंने १२  क्लास , में  टॉप किया था वो मेरी जिंदगी का सबसे ख़ुशी का पल था। 

 आप ऐसा  क्या चाहती है जो  आपकी जिंदगी में दोबारा न आये ?
ऐसी कोई बात अभी तक हुई नहीं है मेरे  ग्रेजुएशन  १ ईयर में कॉलेज वालो की कुछ गलती के कारण  मेरा एडमिट कार्ड मुझे नहीं मिल पाया था तब में बहुत परेशान हो गई थी तो मैं  यही चाहती हूँ की मेरे साथ ऐसा दोबारा न हो। 

 आपको क्या लगता है  की ऑनलाइन रहना कितना जरूरी है ?
ऑनलाइन  गतिविधिया जरूरी  है पर  इसमें जरुरत से ज्यादा लिप्त रहना सेहत के लिए घातक हो सकता है  आज जमाना कंप्यूटर  का है और बदलते वक़्त के साथ  कंप्यूटर  पर हमारी निर्भरता बढ़ती  रही है पढ़ाई से लेकर  मनोरंजन तक  स्पोट्स से लेकर साइंस  टेक्नोलॉजी तक भाषा से लेकर टिकटिंग तक क्षेत्र जो भी हो कंप्यूटर का इस्तेमाल किसी न किसी रूप में होता है स्टूडेंट के पास इंटरनेट के रूप में एक महत्वपूर्ण खजाना है किसी  भी  विषय  की जानकारी बस  एक क्लिक  काफी है दिन  रात कंप्यूटर  पर आखे  गड़ाए  रहना और  गलत  पोश्चर के  कारण हड्डीओं  जुडी बीमारिया हो सकती है  ऐसे में जरुरत की बात यह है की पढ़ाई के  लिए  जितना  जरूरी है कंप्यूटर का उतना इस्तेमाल करे। 

 फेसबुक के बारे आपकी  क्या  राय है ?
फेसबुक   एक  ऐसा माध्यम जो सभी लोगो को अपनों से दूर कर रहा है  बस लोगो का एक  तरफ़ा चरित्र  दिखा रहा है  जिसके कारण  कई रिश्ते बन रहे है और कई बिगड़ भी रहे है। 

खाली समय में आप क्या  करती है ?
 मुझे लिखना बहुत पसंद है  अधिकतर  जब में फ्री होती हूँ   तब में अपनी डायरी  लिखती हूँ। 

जैसा की अभी  वोर्ल्ड्कप् चल रहा है आपको क्या लगता है  की टीम इंडिया वोर्ल्ड्कप् भारत ला  सकती है ?
टीम इंडिया ने लगातार  चारो मैच  पर फतह हासिल की है इससे  और  उम्मीद बढ़  जाती है की टीम इंडिया  वोर्ल्ड्कप् भारत ल सकती है। 

वर्तमान  समय में बनाई जा  रही फिल्मे हमारे समाज पर कैसा प्रभाव डाल रही है ?
आज के समय में जो फिल्मे बनाई जाती है वो केवल मनोरंजन के  लिए  होती  है  इन फिल्मो में किसी प्रकार के तथ्य नही होते जो समाज को सोचने पर मजबूर कर दे। 

होली के पर्व के बारे में आपके क्या विचार है ?
होली रंगो का  त्यौहार है यह संसार रंगो का से भरा हुआ है  और  लोगो की भावनाए  भी विभिन्न रंगो से जुडी है जहा एक और होली का त्यौहार पूर्व संध्या पर होलिका दहन जो बुराई  पर अच्छाई   की जीत   का प्रतिक  है। 



इसी के साथ अापसे सवालो का फलसफा यही पर समाप्त होता है आपका अपना कीमती वक़्त देने के लिए   बहुत -बहुत शुक्रिया।  


                                                                                                                                            मोनिका