आँसू
आँसू भी बड़े अजीब होते है कभी ख़ुशी में तो कभी गम में आते है ख़ुशी में आते तो हमेशा याद आते है पर जब गम में आते है तो उनको याद करने का मन नही करता जब कोई तकलीफ अंदर ही अंदर होती है तब बड़ी अजीब सी फीलिंग होती है मन तो करता है आज जी भर के इन आसुओ को निकाल दू पर इन आसुओ से किसी और को दुखी नहीं कर सकते। जब भी रोने का मन करता है तो हमेशा कोना देखना पड़ता फिर माँ भी पूछती है क्या हुआ फिर किसी तरह से हम कह देते है कुछ नही माँ सब एक दम मस्त है और जब दोस्तों की नजर पड़ती है तो वो पूछते है क्या हुआ मूड क्यों खराब है बस यही कह देते है नहीं यार ऐसा कुछ नहीं है
पर क्या वाक़ई में ऐसा होता है हम कुछ तो कहना चाहते है ;अपने मन की सारी बात निकाल देना चाहते है बस दिल में एक दर्द सा रहता है किसी के गले लग कर बयाँ करना चाहते है पर बस यूही रुक जाते है उन आसुओ को अपनी आखो में छुपा कर एक स्माइल सा लुक देते हुए आगे बढ़ जाते है किसी को पता नहीं चल पाता की उस हँसते चेहरे के पीछे एक दर्द से भरा चेहरा है जो सबसे छुपा है बस रात में याद आती है वो सारी बाते जिन्हे बस यूही भूलना नही चाहते वो चाहे जितना भी दर्द देती हो फिर वो ही सॉन्ग बजता है जिसमे हम खुद को पाते है
आंसू भी बड़े अजीब चीज़ है
जिनके पास नही वो बड़े खुशनसीब है
दुनिया के किस्से भी अजीब है
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