Tuesday, 11 August 2015



हमारे देश के गौरव डॉक्टर अब्दुल कलाम  को हमारा सलाम 



सपने वो नहीं जो सोने के बाद आये 
सपने तो वो है जो सोने न दे 

डॉक्टर अब्दुल कलाम जिनका बचपन कई प्रकार की कठिनाइयों से बीता न जाने उन्होंने अपने जीवन में कितने कष्ट झेले पर फिर भी उनमे इतना साहस था की जो वो अपने जीवन से चाहते थे उन्होंने वो हासिल किया।  तमिलनाडु की रामेश्वरम की गलियो में हुआ था इनका जन्म बचपन से ही बड़े प्रतिभा शाली थे। उनके मन में एक दृढ विश्वास था जो वर्तमान समय के युवाओ  धुंधला सा गया है आर्थिक कठिनाइयों के वाबजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई  के लिए घर घर जाकर अखबार बेचा। उनका सपना  पायलेट  बनना था जो साकार नहीं हो सका।  शायद किस्मत को कुछ और मंजूर था।  कलाम जी लालटेन की  रोशनी में जीवन की रोशनी की खोज में दुबे रहते थे।  जीवन में इतनी लगन ने उन्हें अपनी मंजिल पर पंहुचा दिया।  और वे भारत के ११ वे राष्ट्रपति के पद पर शोभित हए।  और उन्होंने अपनी  इस कड़ी मेहनत और लगन   से भारत को सशक्त और समर्थ बनाने के लिए कई मिशाइले  बनाई।   डॉक्टर अब्दुल कलाम जी को बच्चो से बड़ा प्रेम था।  इनका जीवन ही सबके लिए एक मिशाल थी। जो आज कल कही खोती  जा रही है  जीवन में आर्थिक और समाजिक कठिनाइया तो आती रहती है पर आज कल के किशोर और युवाओ में इतनी कम सहन शक्ति है की जीवन में कुछ घटना हो जाने पर जीवन से निराश और हताश हो जाते है और अपने उद्देश से भटक जाते है।  दृढ़  निश्चय और आत्मविश्वास की मानो एक कमी सी है  सभी एक दूसरे पर निर्भर रहना चाहते है।  डॉक्टर अब्दुल कालम जी का जीवन सघर्षो से भरा हुआ था।   कलाम जी एक अच्छे देश भक्त थे।    उनके जीवन का हर पल भारत को समर्पित था। वो चाहते थे की  भारत के युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करके जिंदगी की हर तरक्की और  हर मुकाम हासिल करे।  डॉक्टर कलाम  जी ने अपनी पुस्तक " भारत " में भारत देश को २०२० तक  आधुनिक बनाने की योजना बनाई थी।  कलाम जी ने  कहा   था की उनकी मृत्यु के दिन अवकाश घोषित न किया जाए उनका हर कदम भारत देश को एक नई दिशा दे गया।   भारत देश को उन्होंने एक न्यूक्लिअर देश बना दिया।  वो भारत के एक अच्छे नागरिक साबित हुए।   भारत के इस अनमोल रत्न को भारत देश ने खो दिया। 


खुदा ने ये वादा नहीं किया , की  आसमान नीला होगा 
सुकून की राहो में दुःख का नजारा न होगा 
जीवन में नए सवेरे तो आएंगे 
 पर उन सवेरो के साथ घना अँधेरा न होगा
 
     





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